bal vikas ki avasthaye/ bal vikas or shiksha shastra notes in Hindi

 

 

bal vikas ki avasthaye/ vikas pdf  Test in Hindi for All Exams ,Ctet/mptet/uptet/Rtet

 

bal vikas ki avasthayen
bal vikas ki avasthayen

 

PART -7 

 
 
(i) फ़्रांसिसी मनोवैज्ञानिक ” गाल्टन “ने   ‘ वैयक्तिक विभिन्नताओं ‘ का सर्वप्रथम प्रयोग किया ∣

 (ii) स्किनर के अनुसार ➨ ” वैयक्तिक विभिन्नताओं – (Personal  difference)-से हमारा तात्पर्य व्यक्तित्व के उन सभी पहलुओं से है ,जिनका मापन व मूल्यांकन किया जा सकता है। “


(iii)  जेम्स ड्रेवर के अनुसार – ” कोई व्यक्ति अपने समूह के शारीरिक तथा मानसिक गुणों औसत से  जितनी भिन्नता रखता है ,उससे हम ‘ वैयक्तिक
 विभिन्नताएं (Personal  difference)   ‘ कहते है।  “
  

(iv)   टॉयलर के अनुसार – ” शरीर के रूप रंग ,आकर , कार्य ,गति ,बुद्धि ,ज्ञान ,उपलब्धि ,रूचि ,अभिरुचि  आदि लक्षणों में पायी जाने वाली भिन्नता  को  ‘ वैयक्तिक भिन्नता ‘(Personal  difference) कहते है।  “
 

(v)फिफर के  अनुसार – ” सामान्य ज्ञानोंपार्जन में ‘प्राथमिक स्तर ‘ पर बालिकाओ का स्तर बालको की तुलना में अधिक ‘ उच्च ‘ होता है “
 

 (vi) पाली महोदय के अनुसार – ” बालको की शिक्षा बालिकाओ शिक्षा प्रारम्भ करने के 6 माह बाद प्रारम्भ करनी चाहिए। “
 

(vii) “कार्टर ” के अनुसार – ” बालिकाओं को अध्यापक  अपने परीक्षणों में  प्राप्तांको से अधिक अंक प्रदान करते है , जो एक प्रमापीकरण किये हुए ज्ञानोपार्जन परिक्षण पर प्राप्त करते है , जबकि बालको को अपने परीक्षणों में तुलनात्मक कम अंक प्रदान करते है “

 
 (ix) “मेरडिथ ” के अनुसार – ” सामन्य रूप से उन परिवारों के बालक स्वस्थ एवं विकसित होते है ,जो सामजिक स्तर  होते हैं ”  

 

 (x)टरमैन एवं मैरिल  के अनुसार – ” जो बालक उच्च व्यवसाय वाले माता पिता की संतान होते है , तो उनकी बुद्धि – लाब्धि (10 -15 वर्ष के बीच ) में 118 होती है , जबकि क्लिर्क पेशे वाले समूह के बालको की बुद्धि लाब्धि -107 होती है ,इसके अलावा ‘ मजदूर वर्ग ‘ के बालको की बुद्धि – लाब्धि केवल -97 होती है ”

 


(1) टॉयलर के अनुसार – ” सम्भवतः व्यक्ति योग्यता की विभिन्नताओं के बजाय व्यक्तित्व की विभिन्नताओं से अधिक प्रभावित होता है “

 
(2) क्रो एवं क्रो  के अनुसार – ” शारीरिक क्रियाओ में सफल होने  की योग्यता में एक समूह के व्यक्तियों में भी बहुत अधिक भिन्नता पायी जाती है “
 

(3)”मन ” के अनुसार – ” हमारा सभी का जीवन एक ही प्रकार से आरंम्भ होता है , फिर इसका क्या कारण है की जैसे जैसे हम बड़े होते जाते है , हममे अंतर होता जाता है , इसका कारण यह है ,की हमारा सभी का वंसानुक्रम भिन्न होता है “
 
 
प्रशन 1 –    कक्षा में शिक्षण को सुचारु रुप से चलाने के लिए एक शिक्षक को क्या – करना चाहिए , अथवा ऐसा क्या करना चाहिए जिससे बालको का ध्यान आकर्षित हो ?
 

उत्तर –   शिक्षण को सुचारु रूप से चलाने के लिए एक शिक्षक को अधिक से अधिक प्रश्न पूछने चाहिए , कियोकि इससे ” छात्रों को  स्वयं को अभिव्यक्त  (Expressed) करने का अवसर मिलता है। “
 
 

प्रश्न 2 – किसी भी बालक में कौन सा समायोजन अथवा किस तरह का समायोजन सबसे अधिक श्रेष्ठ होता है ?


उत्तर – किसी  में किसी छात्रा या छात्र का – ” वैयक्तिक समायोजन (Personal-Adjustment) एवं सामजिक समायोजन (Social-Adjustment)” सबसे श्रेष्ठ है।  इसका प्रमुख कारण ” उनकी भाषा” होना है।

 

 प्रश्न -3 – किसी कक्षा में बच्चो के भावो और विचारो का मूल्यांकन करने के लिए सर्वोत्तम साधन क्या है ?

 


उत्तर -किसी भी कक्षा में बच्चो के- ” भावो और विचारो ” – का मूल्यांकन करने के लिए सर्वोत्तम साधन ” बच्चो के  विकास की जानकारी ” द्वारा प्राप्त किया जाता है। अर्थात बालक के विकास -क्रम की गति और वर्तमान स्थति को देखकर ही शिक्षक – बालक के भावो और विचारो का मूल्यांकन कर सकता है।

 

प्रश्न 4 – एक शिक्षक कक्षा में शिक्षण के दौरान कड़ी मेहनत   करता  है ,फिर भी उस कक्षा में शैक्षिक भिन्नताएं होती है , इसका कारण क्या है ?


एक शिक्षक कक्षा में शिक्षण के दौरान कड़ी मेहनत   करता  है ,फिर भी उस कक्षा में शैक्षिक भिन्नताएं होती है , इसका प्रमुख कारण ” भिन्न – भिन्न छात्रों में वैयक्तिक गुणों का भिन्न -भिन्न होना है। “
 

 Q.  5  –  किसी बच्चे में  “पूर्व माध्यमिक  स्तर ” पर सीखने की  प्रक्रिया को सरल बनाने का सर्वोत्तम साधन  क्या है ?


  उत्तर – अनुबंध 
 

 Q . 6 – किसी बालक  के भाषा विकास को प्रभावित या कमजोर करने वाले कारक कौन -कौन से है ?
 उत्तर –  – 1 –  सामजिक -आर्थिक स्थति 
 

 2 – बुद्धि (कम होना )
 
 
 3 – द्वी – भाषावाद होना 
 

 Q . 7-   भाषा दोष क्या है ?

 

उत्तर- – बालको की भाषा में नम्न प्रकार का दोष पाया जाता है ,
 

जैसे की – ध्वनि का अशुध उच्चारण , अत्यंत तीव्र ध्वनि होना ,पुरवृत्ति होना ,आदि सभी प्रकार के दोष भाषा दोष के अंतरगर्त आते है ।
 
 

Q . 8 –  वैयक्तिक विभिन्नताओं का प्रमुख कारण क्या है ?
 

उत्तर  – वैयक्तिक विभिन्नताओं  प्रमुख कारण निम्नलिखित है –   वातावरण , आयु , वंशानुक्रम आदि  ।
 

Q . 9 – सामाजिक स्तर से ऊँचे परिवारों के बच्चो की अपेक्षा निम्न सामाजिक स्तर के बच्चो में किस प्रकार की वैयक्तिक भिन्नताएं पायी जाती है ?
 

उत्तर – निम्न प्रकार के भिन्नताएं पायी जाती है , जैसे की — शारीरिक विकास , मानसिक विकास , व्यवहार में अन्तर  आदि І
 

प्रश्न – 10 -यदि छटवीं  कक्षा का छात्र 11 वीं कक्षा के विषयो को समझ लेता है ,तो उसकी इस व्यक्तिक भिन्नता का क्या कारण है ?
 

उत्तर – उस छात्र की इस वैयक्तिक वभिन्नता का कारण   छात्र की ” विशिष्ट योग्यता ” है ।

 

🚡 ” मेकनेमर और टर्मन ” के अनुसार  ” स्त्रियों और पुरषों में अंतर ” निम्नप्रकार है ।

 

  स्त्री – इनमे स्मृति कौशल पुरषों  अपेक्षाकृत अधिक होता है ।
 

 पुरुष –  जबकि पुरषों में ” गत्यात्मक योग्यता ” अधिक होती है ।
 

 स्त्रियाँ – इनका हस्तलेख (HANDWRITING) पुरषो की अपेक्षाकृत अच्छा  होता है ।
 

 पुरष- इन्हे गणित और तर्क विषय में अधिक योग्यता होती है ।
 

 

 स्त्री – इनमे स्वाद , स्पर्श ,घृणा आदि को समझने को कौशल अधिक होता है ।

 

जबकि पुरषों में – भार और आधार  समझने का कौशल अधिक होता है І
 

 स्त्रियों -में – भाषा सम्बन्धी योग्यता , सुझावों के प्रति संवेदनशील ,दर्पण , चित्रकला में अधिक कुशलता ,आदि 

जबकि पुरषो में भौतिक विज्ञान ,रसायन विज्ञान ,विषयो में अधिक योग्यता पायी जाती है ।
 

“मोनटेसरी प्रणाली ” का विकास मंद बुद्धि और सुविधा हीन बालको के लिए किया गया था ।

 

वैयक्तिक विभिन्नता हेतु ” भाषा का विकास ” एक आयशयक कौशल है , कियोकि यह सामाजिक , शारीरिक  और मानसिक आदि आवशयकताओ  पूर्ति करता है І
 

 
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