bal vikas or shiksha shastra pdf notes in hindi/ भाषा शिक्षण के सिद्धांत

bal vikas or shiksha shastra pdf notes in hindi/ भाषा शिक्षण के सिद्धांत

bal vikas or shiksha shastra pdf notes in hindi/ भाषा शिक्षण के सिद्धांत


Bal vikas pdf  Test in Hindi for All Exams ,Ctet/mptet/uptet/Rtet

 


bal vikas or shiksha shastra pdf notes in hindi/ भाषा शिक्षण के सिद्धांत

bal vikas or shiksha shastra pdf notes in hindi/ भाषा शिक्षण के सिद्धांत

 

नमस्कार दोस्तों , यह Bal Vikas or Shiksha Shastra pdf notes in Hindi , आपके सभी प्रकार की परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी है , यह टेस्ट हिंदी माध्यम के विद्यार्थियों को ध्यान में रखकर बनाया गया ।



 

short notes  Part-14    

 

   हरलॉक के अनुसा ” भाषा में सम्प्रेषण के वे  सभी साधन आते है। , जिसमे विचारो और भावों  प्रतीकात्मक बना दिया जाता है । जिससे की अपने विचारों और भावों अर्थ पूर्ण ढंग से कहा जा सके। “

 

” जो बच्चे लम्बी अवधि तक बीमार होते है ,उनकी भाषा विकास की गति धीमी होती है ,और भाषा विकास कमजोर होता है ∣अतः बच्चो का स्वास्थ्य  जितना अच्छा होगा ,उनमे भाषा विकास की गति उतनी तीव्र होती है Ι “

 

स्किनर के अनुसार –  ” अनुबंध द्वारा भाषा विकास की प्रक्रिया को सरल बनाया जा सकता है “

 

चोमस्की के अनुसार  ” बच्चे शब्दों की निश्चित संख्या से कुछ निश्चित नियमो अनुकरण करते हुए वाक्यों का निर्माण करना सीख जाते है । इन शब्दों से नए नए वाक्यों एवं शब्दों का निर्माण होता है। “इन वाक्यों का निर्माण बच्चे जिन नियमो के अंतरगर्त करते है , उन्हें “चोमस्की ” ने ” जेनेरेटिवे ग्रामर ” संज्ञा प्रदान की है ।




हरलॉक के अनुसार  ” जिन बच्चो का बौद्धिक स्तर (iq) उच्च होता है , उनमे भाषा विकास अपेक्षाकृत कम बुद्धि वालों से अच्छा होता है।  ”

 

स्पाइकर और इरविन के अनुसार  ” बुद्धिलब्धि और भाषा सम्बन्धी योग्यता में घनिष्ट सम्बन्ध है। “

 

टरमैन , फिशर और याम्बा के अनुसार  ” तीव्र बुद्धि  के बालकों का उच्चारण और शब्द भंडार अधिक होता है “

 

 

गैसिल और जरशील्ड अनुसार  ” उच्च वर्ग के  शिशु ( सामाजिक और आर्थिक स्थति में उच्च ) जल्दी बोलना सीखते है , अधिक बोलते है ,तथा इनका उच्चारण शुद्ध होता है Ι “

 

इरविन और चेन के अनुसार 

 

 

  ” प्रथम वर्ष में बालक एवं बालिकाओ की भाषा में कोई अंतर नहीं होता है , लेकिन दूसरे वर्ष से बालिकाओ की क्षमता बालको से अधिक हो जाती है । “

 

mock test

 

1 – यह कथन किस मनोवैज्ञानिक का है ?

 

कथन – ”  भाषा में सम्प्रेषण के वे  सभी साधन आते है। , जिसमे विचारो और भावों  प्रतीकात्मक बना दिया जाता है । जिससे की अपने विचारों और भावों अर्थ पूर्ण ढंग से कहा जा सके। “

 
 
 (A) जीन पियाजे



 
 (B) डॉ श्रीधरनाथ मुखर्जी 

(C)  हरलॉक

(D) लॉरेन्स कोहलबर्ग

(E) इनमे से कोई नहीं 
 

उत्तर देखें   –      
 
 
2 – यह कथन किस मनोवैज्ञानिक का है ?
 

 

 

कथन –  ” अनुबंध द्वारा भाषा विकास की प्रक्रिया को सरल बनाया जा सकता है “

 
 
 (A) स्किनर 
 



 (B) डॉ श्रीधरनाथ मुखर्जी 

(C)  हरलॉक

(D) लॉरेन्स कोहलबर्ग

(E) इनमे से कोई नहीं 
 

उत्तर देखें   –          

 

 

3  – यह कथन किस मनोवैज्ञानिक का है ?
 



कथन – ”  जेनेरेटिवे ग्रामर ” की संज्ञा किसने दी है ?
 (A) जीन पियाजे
 (B) चोमस्की  

(C)  हरलॉक

(D) लॉरेन्स कोहलबर्ग

(E) इनमे से कोई नहीं 

उत्तर देखें   –      



4  – यह कथन किस मनोवैज्ञानिक का है ?
 

कथन – ” जो बच्चे लम्बी अवधि तक बीमार होते है ,उनकी भाषा विकास की गति धीमी होती है ,और भाषा विकास कमजोर होता है ∣अतः बच्चो का स्वास्थ्य  जितना अच्छा होगा ,उनमे भाषा विकास की गति उतनी तीव्र होती है Ι “ 

 
 (A) जीन पियाजे
 
 (B) डॉ श्रीधरनाथ मुखर्जी 

(C)  हरलॉक


(D) स्मिथ , लॉवेल और मार्क केले  अनुसार

 

(E) इनमे से कोई नहीं

             उत्तर देखें   –      

 

error: Content is protected !!
Ads Blocker Image Powered by Code Help Pro

Ads Blocker Detected!!!

We have detected that you are using extensions to block ads. Please support us by disabling these ads blocker.

Powered By
CHP Adblock Detector Plugin | Codehelppro