व्यवहार का विज्ञान ,bal vikas or shiksha shastra pdf notes in hindi

व्यवहार का विज्ञान ,bal vikas or shiksha shastra pdf notes in hindi

 

 

व्यवहार का विज्ञान/ vikas pdf  Test in Hindi for All Exams ,Ctet/mptet/uptet/Rtet

 

व्यवहार का विज्ञान ,bal vikas or shiksha shastra pdf notes in hindi
व्यवहार का विज्ञान ,bal vikas or shiksha shastra pdf notes in hindi



 


नमस्कार दोस्तों , इस आर्टिकल में हमने “व्यवहार का विज्ञान ,bal vikas or shiksha shastra pdf notes in hindi
” के प्रश्नों का एक – एक करके संकलन किया है। साथ ही इस पीडीऍफ़ में हमने ” बाल विकास और शिक्षा शास्त्र ” के सभी topics को विषयवार cover किया है। इस नोट्स की विशेषता यह है , कि – इसमें आपको पढ़ने , समझने और याद करने में आसानी होगी। कियोकि इन नोट्स को आपके बालविकास एवं  शिक्षा – शास्त्र को समझने और याद करने की समस्याओं को ध्यान में रखकर बनाया गया है।

 

short notes Part-4
 

प्रश्न -1 व्यवहार विज्ञान क्या है ?

 

उत्तर – ऐसा विज्ञान जो मानव के व्यवहार से सम्बंधित हो ,अथवा मानव व्यवहार का अध्ययन करता हो ,व्यवहार का विज्ञान है। वर्तमान समय में हम – ” मनोविज्ञान ” को व्यवहार का विज्ञान मानते है।

 
(1 ) व्यवहार के विज्ञान अथवा व्यवहारपरक विज्ञान के अंतरगर्त मानव एवं जंतुओं के व्यवहार के अध्ययन और विश्लेषण  पर बल दिया जाता है।

 

(2 ) व्यवहार के विज्ञान के अंतरगर्त – मनोविज्ञान , मनोविज्ञान और सज्ञानात्मक विज्ञान आदि आते है। 




 

(3 ) बाल विकास एवं शिक्षा शास्त्र के अंतरगर्त ” व्यवहार के विज्ञान ” से तात्पर्य बालक के व्यवहार को समझने से लिया गया है।

 

➤ व्यवहार का विज्ञान पर विभिन्न मनोवैज्ञानिको  ने परिभाषा दी है। जिनमे कुछ  इस प्रकार है।  


  • वॉटसन के अनुसार – ” मनोविज्ञान  – व्यवहार का विज्ञान है ” 

 

  • मैक्डूगल के अनुसार – ” मनोविज्ञान – आचरण एवं व्यवहार का विज्ञान है “

 

  • क्रो एण्ड क्रो के अनुसार – मनोविज्ञान – मानव व्यवहार और मानव सम्बन्धो का अध्ययन है। 

 

  • स्किनर के अनुसार – मनोविज्ञान व्यवहार और अनुभव का विज्ञान है। 

 

  • गोरीसन के अनुसार – मनोविज्ञान का सम्बन्ध प्रत्यक्ष मानव व्यवहार से है। 

 






प्रश्न – 2 – मनोविज्ञान व्यवहार का विज्ञान है ? स्पष्ट करें 



उत्तर – मनोविज्ञान में ” व्यवहार के अध्ययन ” की 3 (तीन) प्रमुख  क्रियाओ को शामिल किया जाता है ।
 
 
 



(i ) व्यवहार में परिवर्तन होना ।
 
(ii  ) व्यवहार को अच्छी तरह से समझना ।
 
(iii ) व्यवहार – को देखकर उसके लिए ” भविष्यवाणी ” करना । 
 

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